
रियाद में बुधवार को भारत-सऊदी अरब सामरिक साझेदारी परिषद के तहत सुरक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक आयोजित हुई। विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. विनोद बहाडे और सऊदी गृह मंत्रालय के अहमद अल-ईसा ने इसकी सह-अध्यक्षता की।
दोनों देशों ने आतंकवाद के हर रूप की कड़ी निंदा की, विशेषकर सीमा-पार आतंकवाद पर। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में निर्दोषों पर हुए हमले और 10 नवंबर 2025 को लाल किले के निकट हुई घटना का जिक्र किया।
चल रहे सुरक्षा सहयोग की समीक्षा के साथ, वैश्विक और क्षेत्रीय आतंकी खतरों पर विचार-विमर्श हुआ। उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जिसमें कट्टरता का मुकाबला, आतंकी फंडिंग रोकना, तकनीक दुरुपयोग पर अंकुश और अपराध-आतंक संबंध शामिल हैं।
कानूनी-न्यायिक एवं कानून प्रवर्तन सहयोग मजबूत करने के उपायों पर भी बात हुई। अगली बैठक भारत में होगी। अप्रैल में एसपीसी का विस्तार हुआ, जिसमें रक्षा एवं पर्यटन-संस्कृति समितियां जोड़ी गईं। यह साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मजबूत कदम है।