
मॉस्को में आयोजित 16वें रूस-भारत व्यापार संवाद में 1250 से अधिक प्रतिनिधियों ने शिरकत की, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने का संकल्प दर्शाता है। भारतीय बिजनेस अलायंस, इंडिया के साथ सहयोग परिषद, मॉस्को सरकार और रोस्कांग्रेस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ यह आयोजन जून में सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम सहित वैश्विक मंचों पर सहयोग जारी रखने का ऐलान करता है।
मुख्य सत्र में व्यापारिक बाधाओं को दूर करने, द्विपक्षीय व्यापार संतुलन, लॉजिस्टिक्स सुधार, वित्तीय स्थिरता, औद्योगिक साझेदारी, आयात निर्भरता घटाने तथा ऊर्जा, प्रौद्योगिकी व नवाचार क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। उद्योग, ऊर्जा, दवा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में संयुक्त परियोजनाओं को अमल में लाने पर भी बल दिया गया।
मॉस्को सरकार के सर्गेई चेरेमिन ने कहा कि पिछले वर्ष 50 से अधिक संयुक्त व्यापार कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। अब भारतीय कंपनियों की रूस में उपस्थिति बढ़ाने, दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रचनात्मक उद्योगों में सहयोग, पारस्परिक निवेश और आधुनिक तकनीकी उत्पादों की आपूर्ति पर जोर है।
इंडियन बिजनेस अलायंस के सैमी कोटवानी ने इसे रणनीतिक साझेदारी का नया दौर बताया, जो व्यावहारिक परियोजनाओं पर आधारित है। रोस्कांग्रेस के अलेक्सी वाल्कोव ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संवाद अंतरराष्ट्रीय पहलों से और मजबूत हो रहा है। यह सम्मेलन दोनों देशों के व्यापारिक भविष्य को उज्ज्वल बनाता है।