
नई दिल्ली में 18वें भारत-जापान रणनीतिक संवाद के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोटेगी का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने भारत और जापान के बीच संबंधों की गहराई की सराहना करते हुए कहा कि भारत क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी4 और जी20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टोक्यो के साथ काम करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
जयशंकर ने पिछले दो दशकों में संबंधों के आर्थिक से रणनीतिक साझेदारी में बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जापानी प्रधानमंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक की अवधारणा को मजबूत आधार दिया, जो भारत के मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण से मेल खाता है।
वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दोनों देशों को साझा रणनीतिक लक्ष्यों की ओर बढ़ना चाहिए। प्रमुख लोकतंत्र और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, भारत-जापान को विश्व व्यवस्था गढ़ने की जिम्मेदारी है। मोटेगी के फिलीपींस से मध्य पूर्व तक के दौरे हमारी साझा हितों को दर्शाते हैं, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा शामिल है।
2027 में राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के निकट, विशेष वैश्विक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। द्विपक्षीय चर्चाओं में पीएम मोदी से हुई बातों का अनुसरण होगा। मोदी-किशिदा-आबे की मैत्री इस रिश्ते की अनूठी ऊंचाई दिखाती है।
यह संवाद रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी में सहयोग को नई दिशा देगा, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करेगा।