
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। मलेशिया की संसद के सदस्य एम. कुलसेगरन ने भारत को उभरते आर्थिक समूहों का प्रमुख बताते हुए कहा कि यह जल्द ही विश्व के सबसे धनी राष्ट्रों की सूची में शामिल हो जाएगा।
कुलसेगरन ने ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया, जो 5000 साल पुराने हैं। उन्होंने कहा कि ये सौदे रातोंरात नहीं हुए, बल्कि वर्षों की मेहनत का नतीजा हैं। प्राचीन काल में व्यापारी सरल लेन-देन करते थे, लेकिन आज टैरिफ, प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां हैं। ये समझौते जोखिम घटाएंगे और व्यापार को बढ़ावा देंगे।
पीएम मोदी की यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ डील्स की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत की दूरदर्शिता दर्शाता है। ऐसे नेतृत्व को सहेजना जरूरी है। इससे मलेशिया को भी लाभ होगा, क्योंकि सहयोग नए द्वार खोलेगा।
रक्षा क्षेत्र में भारत की प्रगति पर बोलते हुए कुलसेगरन ने सुखोई विमानों का उल्लेख किया। पिछले दो दशकों में भारत ने वैश्विक बाजार में जगह बनाई है। लागत और तकनीक में श्रेष्ठता से यह सभी को पीछे छोड़ रहा है। मलेशिया के लिए यह लाभकारी साझेदारी है।
यूपीआई प्रणाली को क्रांतिकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह आधुनिक और कुशल है। बड़े स्तर पर अपनाई जा रही यह प्रणाली सफल होगी और नए अवसर पैदा करेगी।