
नई दिल्ली में मंगलवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोन के साथ 38वीं भारत-फ्रांस रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
वार्ता में सुरक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष तथा नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की पहलों के अनुरूप संयुक्त विकास के नए अवसरों पर जोर दिया गया।
बदलती वैश्विक भू-राजनीति, क्षेत्रीय चुनौतियां और साझा वैश्विक हितों पर विचार-विमर्श किया गया। राष्ट्रपति मैक्रों की आगामी भारत यात्रा की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। दोनों पक्षों ने वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए निकट सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
8 जनवरी को मैक्रों ने अपनी भारत यात्रा की घोषणा की थी। वे नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे, जिसकी फ्रांस सह-मेजबानी कर रहा है। पेरिस में राजदूतों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के साथ मिलकर बनाए गए अंतरराष्ट्रीय समझौते ने बहुपक्षवाद को मजबूत किया है, जो नवाचार को बढ़ावा देता है तथा निष्पक्ष नियमन सुनिश्चित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस एआई एक्शन समिट में ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की घोषणा की, जो 19-20 फरवरी को नई दिल्ली में होगी। यह ग्लोबल साउथ की पहली वैश्विक एआई समिट होगी।
यह वार्ता भारत-फ्रांस संबंधों को भविष्योन्मुखी दिशा प्रदान करती है।