
लक्जमबर्ग, 7 जनवरी। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यहां एक आयोजन में स्पष्ट कहा कि देश हालिया घटनाक्रमों से व्यथित है। उन्होंने सभी पक्षों से वेनेजुएला की जनता की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए बातचीत करने का आग्रह किया।
जयशंकर ने कहा, “हमें इन घटनाओं को लेकर चिंता है। हम चाहते हैं कि सभी पक्ष मिलकर ऐसा हल निकालें जो वेनेजुएलियाई लोगों के हित में हो। यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।”
उन्होंने भारत-वेनेजुएला के मजबूत रिश्तों का जिक्र करते हुए जोर दिया, “कई वर्षों से हमारे संबंध उत्कृष्ट रहे हैं। हम आशा करते हैं कि वेनेजुएला के नागरिक इस संकट से सुरक्षित और मजबूत होकर बाहर निकलें।”
3 जनवरी को अमेरिका के ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया। अब मादुरो न्यूयॉर्क जेल में हैं और सोमवार को अदालत में पेश हुए। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कमान संभाली है।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “ये घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। काराकास दूतावास भारतीयों की मदद कर रहा है। हम शांति और स्थिरता के लिए संवाद का समर्थन करते हैं।”
भारत का यह रुख वैश्विक मंच पर संतुलित कूटनीति को दर्शाता है, जो संकट के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।