
नई दिल्ली में 14 जनवरी को एक अहम कूटनीतिक मुलाकात हुई, जब भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने चीन कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उपमंत्री सुन हाईयान से बातचीत की। सुन हाईयान 12 से 14 जनवरी तक भारत प्रवास पर रहीं।
बातचीत में भारत-चीन संबंधों को स्थिर बनाने और मजबूत करने की दिशा में हुई प्रगति पर समीक्षा की गई। नए वर्ष में व्यापार, कारोबार और जनसंपर्क को बढ़ावा देकर सहयोग को गति देने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
चीनी पक्ष ने भारत को इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता मिलने पर बधाई दी और भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
सुन हाईयान ने अपने भारत दौरे के दौरान भारतीय मीडिया, थिंक टैंकों और राजनीतिक दलों के साथ हुई चर्चाओं का जिक्र किया। उन्होंने विदेश सचिव को बताया कि चीन विदेश मंत्रालय और आईडीसीपीसी के बीच चल रहे कार्यक्रमों के तहत आदान-प्रदान को और विस्तार देना चाहता है।
विदेश सचिव ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच परस्पर समझ बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के पुनर्निर्माण के लिए सकारात्मक माहौल बनाना अत्यंत आवश्यक है।
मुलाकात के समापन पर दोनों पक्षों ने शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों को अमल में लाने और संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई। यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में नई गर्मजोशी का संकेत देती है।