
टोरंटो में 21 जनवरी को भारतीय वाणिज्य दूतावास ने ‘इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026’ का भव्य आयोजन किया। इस मंच पर भारत की समावेशी और जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। दोनों देशों के बीच साझेदारी को अर्थव्यवस्था व समाज के लिए अत्यंत लाभकारी करार दिया गया।
कनाडा की वाटरलू यूनिवर्सिटी, कनाडा इंडिया टेक काउंसिल और जोहो इंक. के सहयोग से आयोजित यह उच्चस्तरीय संवाद नई दिल्ली के ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ (19-20 फरवरी) से पूर्व विचारों के आदान-प्रदान का प्रमुख मंच साबित हुआ। पूरे कनाडा से 600 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें शीर्ष उद्योगपति, नीति विशेषज्ञ, शोधकर्ता और इनोवेटर प्रमुख थे।
भारतीय उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा कि यह संवाद दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘हम नैतिकता के साथ एआई का निर्माण कर रहे हैं। दिल्ली समिट की ओर अग्रसर होते हुए कनाडा जैसे साझेदार के साथ समावेशी इनोवेशन को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य है।’
कनाडा के एआई एवं डिजिटल इनोवेशन मंत्री इवान सोलोमन ने एआई को वर्तमान की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भारत-कनाडा को इसे जनकल्याण, समाज सशक्तिकरण और आर्थिक मूल्य सृजन के लिए उपयोग करना चाहिए।
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने द्विपक्षीय व्यापार-निवेश संबंधों की सराहना की और वाणिज्य दूतावास को बधाई दी। कार्यवाहक वाणिज्य दूत कपिध्वज प्रताप सिंह ने टोरंटो को वैश्विक एआई केंद्र के रूप में चिह्नित करते हुए कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के इनोवेशन को जोड़ने वाला कदम है।
टोरंटो का उभरता एआई केंद्र बनना और यह संवाद द्विपक्षीय सहयोग की नई ऊंचाइयों का संकेत देता है। दिल्ली समिट के लिए यह उत्साहजनक शुरुआत है।