
तेल अवीव, 25 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद में ऐतिहासिक संबोधन में कहा कि भारत इजरायल संग व्यापार विस्तार, निवेश सुदृढ़ीकरण और संयुक्त आधारभूत संरचना परियोजनाओं को गति देने के लिए कटिबद्ध है। हाल ही में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश संधि से दोनों देशों के व्यापारियों को विश्वास और स्थिरता का आश्वासन मिलेगा।
मोदी ने बताया कि हाल के वर्षों में भारत ने यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, यूएई व ओमान जैसे देशों संग महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते किए। इजरायल संग द्विपक्षीय वस्तु व्यापार कई गुना उछला है, फिर भी यह क्षमता का पूरा उपयोग नहीं करता। इसलिए महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर कार्य चल रहा है, जो विशाल संभावनाओं को खोलेगा।
आई2यू2 ढांचा और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ेगा। इजरायल को ‘स्टार्टअप नेशन’ कहे जाने पर मोदी ने भारत के युवा नवोन्मेष को प्रोत्साहन का जिक्र किया। 2018 में नेतन्याहू संग शुरू किया गया इनक्यूबेटर अब 900 स्टार्टअप्स को सहारा दे चुका है।
पिछले सप्ताह विश्व का सबसे बड़ा एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन भारत ने आयोजित किया। क्वांटम, सेमीकंडक्टर, एआई जैसे क्षेत्रों में अपार अवसर हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से सीमापार वित्तीय संबंध मजबूत होंगे।
इजरायल की रेगिस्तानी कृषि सफलता, खासकर सटीक सिंचाई पर सराहना की। 43 उत्कृष्टता केंद्रों ने 5 लाख किसानों को प्रशिक्षित किया। अब लक्ष्य 100 केंद्र बनाना, ताकि लाखों किसान-मछुआरे लाभान्वित हों। यह साझेदारी समृद्धि का नया अध्याय लिखेगी।