
नई दिल्ली में 16 फरवरी से शुरू हुई इंडिया एआई-इम्पैक्ट समिट ने विश्व भर से नेताओं को आकर्षित कर लिया है। बिजनेस लीडर्स, तकनीकी गुरुओं और राजनयिकों की सकारात्मक टिप्पणियां सामने आ रही हैं, जो एआई की क्षमताओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाल रही हैं।
ब्यूनस आयर्स के चीफ ऑफ स्टाफ गैब्रियल सांचेज जिन्नी ने एआई को समाज के लिए वरदान और रोजगार-शिक्षा के लिए चुनौती बताया। उन्होंने समिट के वैश्विक स्पीकर्स और हजारों प्रतिभागियों पर उत्साह जताया।
अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने इसे भारत की बड़ी उपलब्धि कहा। उनके देश के प्रांतों से डेलीगेट्स ज्ञान अर्जन के लिए पहुंचे। अर्जेंटीना अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने में एआई को महत्व दे रहा है, लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया।
भारत-अर्जेंटीना संबंधों को मजबूत बताते हुए, उन्होंने निजी क्षेत्र में नई संभावनाओं का जिक्र किया। आधुनिक विज्ञान सचिव इमानुएल गार्जा ने जिम्मेदार एआई उपयोग पर सहयोग की वकालत की। भारत के तकनीकी मॉडल से सीखने की बात कही।
अर्जेंटीना में एआई को शिक्षा और उत्पादन में शामिल करने की आवश्यकता बताई, जो उत्पादकता बढ़ा सकता है। नोकिया के पासी टोइवानन ने भारत की ऊर्जा की तारीफ की। ग्लोबल साउथ का पहला एआई समिट होने पर बधाई दी।
नॉर्वे-भारत व्यापार समझौते में एआई की भूमिका रेखांकित की, जिसमें समुद्री क्षेत्र प्रमुख है। द्विपक्षीय व्यापार तीन गुना बढ़ने की उम्मीद जताई। यह समिट भारत को एआई नेतृत्व में स्थापित कर रही है।