
नई दिल्ली में सोमवार को भारत मंडपम में भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का भव्य आगाज हो गया। ग्लोबल साउथ के लिए यह पहला ऐसा आयोजन है, जिसमें विश्व के विभिन्न देशों के शीर्ष नेता एकत्रित हुए हैं। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस समिट को दिल से बधाई दी है।
सोशल मीडिया एक्स पर उपराष्ट्रपति ने लिखा कि भारत लोगों को प्राथमिकता देने वाले लोकतांत्रिक एआई भविष्य का निर्माण करने में अग्रणी है। समिट का मूल मंत्र ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ इसी दिशा को दर्शाता है। एआई विकास में सार्वजनिक हित, पहुंच और वैश्विक सहयोग को केंद्र में रखते हुए भारत ग्लोबल नॉर्थ की तकनीकी शक्ति को ग्लोबल साउथ की क्षमता से जोड़ना चाहता है। इससे विश्व स्तर पर समावेशी प्रगति संभव होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेरिस एआई एक्शन समिट के उद्गारों का हवाला देते हुए कहा कि मशीनें भले ही बुद्धि में मनुष्यों से आगे निकल जाएं, लेकिन हमारे साझा भविष्य की चाबी इंसानों के पास ही है। इसलिए एआई मानव-केंद्रित और जिम्मेदार होना चाहिए। समिट की शानदार सफलता की कामना करते हुए उन्होंने शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक्स पर वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नवाचारीयों, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह समिट एआई के नवाचार, जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग और अन्य पहलुओं पर वैश्विक संवाद को मजबूत करेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शासन जैसे क्षेत्रों में एआई क्रांति ला रहा है। भारत की 1.4 अरब जनसंख्या, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम इसे एआई परिवर्तन में अग्रणी बनाते हैं। समिट से प्रगतिशील भविष्य की नींव पड़ेगी।