
इस्लामाबाद। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पार्टी का दावा है कि खान को जेल से चुपचाप अस्पताल में शिफ्ट करने की साजिश रची जा रही है, बिना परिवार को बताए।
पीटीआई ने इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया और कहा कि इससे उनकी जान को खतरा मंडरा रहा है। बयान में जोर देकर कहा गया कि किसी भी जांच या इलाज में उनके निजी चिकित्सक और कम से कम एक परिवारजन मौजूद रहें।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, खान के परिजन और वकील लंबे समय से जेल प्रशासन पर स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि दाहिनी आंख की रोशनी चले जाने सहित कई बीमारियां उन्हें सता रही हैं।
पीटीआई ने गोपनीयता की किसी भी आड़ को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पुरानी रणनीति का हिस्सा लगता है, जो जानबूझकर खतरा पैदा कर रही है। पार्टी ने तत्काल इलाज शुरू करने और अल-शिफा अस्पताल में भर्ती की मांग की।
शुक्रवार को विपक्षी दलों ने संसद भवन के बाहर धरना दिया। टीटीएपी गठबंधन ने विरोध मार्च निकाले, जो तब तक जारी रहेंगे जब तक खान को उचित चिकित्सा न मिले।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आंखों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया था। खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में हैं, जहां भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं।
पीटीआई का रुख साफ है- नेता की भलाई पर कोई समझौता नहीं। यह मामला पाकिस्तानी राजनीति में नई आग लगाने वाला साबित हो सकता है।