
तेल अवीव। इजरायल डिफेंस फोर्स ने रविवार को बड़ा खुलासा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को तेहरान के मध्य में उनके नेतृत्व भवन के अंदर ही मार दिया गया। इस सटीक हमले से इजरायल के खिलाफ दशकों से चली आ रही आतंकी साजिशों का पटाक्षेप हो गया।
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान में खामेनेई की मौत हुई, जो 46 वर्षीय शिया शासन के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो रही है। तेहरान की जवाबी धमकियों ने मध्य पूर्व के बड़े हिस्से को युद्ध की आग में झोंक दिया है।
आईडीएफ ने हमले का ब्योरा देते हुए कहा, ‘वायुसेना ने सैन्य खुफिया इकाइयों के सटीक मार्गदर्शन में तेहरान के केंद्रीय नेतृत्व परिसर पर प्रहार किया, जहां खामेनेई अन्य वरिष्ठ नेताें के साथ थे।’ 1989 से ईरानी ‘आतंकी शासन’ के सरगना खामेनेई पर इजरायल-वेस्ट के खिलाफ कट्टरता फैलाने और अपने नागरिकों पर अत्याचार के आरोप लगाए गए।
आईडीएफ ने उन्हें ‘ईरानी ऑक्टोपस’ का सरदार करार दिया, जिसने हिज्बुल्लाह जैसे गुटों के जरिए मध्य पूर्व भर में हथियार बंटवाए। उनके हाथों विश्व पटल पर निर्दोषों का खून सना था। यह हत्या ‘ईरानी आतंकी अक्ष’ के खिलाफ आईडीएफ की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
बयान में कहा गया, ‘यह इजरायली नागरिकों से किया वादा निभाने का प्रतीक है- कहीं भी, कभी भी खतरा पैदा करने वाले को नेस्तनाबूद कर देंगे।’ इससे पहले आईडीएफ ने बताया कि 24 घंटों में ईरान पर 1200 से अधिक हथियार गिराए गए, जिनमें मिसाइल लांचर और हवाई रक्षा शामिल।
ईरान के प्रतिशोध की धमकी के बीच यह घटना क्षेत्रीय समीकरण बदलने वाली साबित हो सकती है।