
यरूशलम। इजरायल डिफेंस फोर्स ने उत्तरी गाजा में एक आतंकवादी को मार गिराने का दावा किया है, जो युद्धविराम की ‘येलो लाइन’ पार कर रहा था। शनिवार को हुई इस घटना ने संघर्ष विराम समझौते की नाजुक स्थिति को उजागर कर दिया।
आईडीएफ के दक्षिणी कमान ने बयान जारी कर बताया कि सैनिकों ने संदिग्ध की पहचान की और तत्काल खतरे को भांपते हुए उसे ढेर कर दिया। ‘हम युद्धविराम के प्रति प्रतिबद्ध हैं और किसी भी जोखिम को तुरंत समाप्त करेंगे,’ बयान में कहा गया।
उसी दिन दक्षिणी और मध्य गाजा में इमारतें गिराने की कार्रवाई के दौरान कई लोग घायल बताए गए। फिलिस्तीनी एजेंसी वाफा ने इसे निशाना बनाया।
गाजा में मानवीय संकट गहरा रहा है। सामाजिक विकास मंत्री समाह हमाद ने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी को तत्काल सहायता चाहिए। युद्ध पूर्व 86 हजार परिवारों की तुलना में अब 3.20 लाख जरूरतमंद हैं।
रामल्लाह में हमाद ने इजरायली पाबंदियों को जिम्मेदार ठहराया, जो भोजन-दवा जैसे सामान रोके हुए हैं। मंत्रालय यूएन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद जुटा रहा है।
हमास के गाजा मीडिया कार्यालय के अनुसार, 10 अक्टूबर सीजफायर के बाद 31,178 ट्रक आए, जबकि 72 हजार की योजना थी। सहायता का अनुपालन 43 प्रतिशत रहा। एनजीओ प्रमुख अमजद अल-शावा ने कहा कि चिकित्सा आपूर्ति मांग का महज 10 प्रतिशत ही पूरी हो पा रही।
आपूर्ति की कमी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे सभी पक्षों पर दबाव बढ़ रहा है।