
मिनियापोलिस में एक बार फिर आईसीई अधिकारियों के खिलाफ जनाक्रोश भड़क गया है। शनिवार को बर्फीली सड़क पर आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेट्टी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह इलाके में कुछ हफ्तों के भीतर दूसरी ऐसी घटना है, जिसने बड़े विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है। स्थानीय नेता ट्रंप प्रशासन से शहर में आईसीई के अभियान रोकने की मांग कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में प्रेट्टी बर्फ से लिपटी सड़क पर एजेंटों को रिकॉर्ड करते और ट्रैफिक संभालते नजर आते हैं। एक एजेंट ने महिला प्रदर्शनकारी को धक्का दिया, तो प्रेट्टी ने बीच-बचाव में केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल किया। इसके बाद एजेंटों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया।
हिरासत के दौरान एक अधिकारी को प्रेट्टी के पास बंदूक दिखी। तुरंत ही दूसरे एजेंट ने गोली चला दी। प्रेट्टी के बेजान होने के बाद भी दूर से कई फायरिंग की गई। डीएचएस ने प्रेट्टी के पास मिली पिस्तौल का हवाला देते हुए इसे आत्मरक्षा बताया।
गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा कि वह हिंसा भड़काने आया था। व्हाइट हाउस ने भी उसे हत्यारा करार दिया। कुछ हफ्ते पहले रेनी गुड की गोलीबारी को ट्रंप ने जायज ठहराया था।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक्स पर पोस्ट कर स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार ठहराया, जो आईसीई के सहयोग से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने इसे वामपंथी आंदोलन का नतीजा बताया। अब जांच के बीच शहर में तनाव चरम पर है।