
मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक चौंकाने वाली घटना में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) के एजेंट ने 37 वर्षीय अमेरिकी महिला रेनी निकोल गुड को गोली मार दी। गोली लगते ही महिला की मौके पर मौत हो गई। यह घटना अमेरिका में प्रवासी नीतियों को लेकर बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है।
पुलिस प्रमुख ब्रायन ओहारा के अनुसार, गुड की लाल एसयूवी सड़क को अवरुद्ध किए हुए थी जब फेडरल एजेंट उनके पास पहुंचे। महिला ने गाड़ी भगानी शुरू की तो कम से कम दो गोलियां चलीं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर वीडियो क्लिप साझा कर इसे सेल्फ डिफेंस बताया। उन्होंने लिखा कि चिल्लाने वाली महिला प्रोफेशनल आंदोलनकारी थी और ड्राइवर ने जानबूझकर एजेंट को कुचलने की कोशिश की।
ट्रंप ने कट्टर वामपंथियों पर आरोप लगाया कि वे रोजाना कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमले करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सुरक्षित बनाने के लिए अधिकारियों का साथ देना जरूरी है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी समर्थन जताया और कहा कि सरकार आईसीई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
गुड की मां डोना गैंगर ने खंडन किया कि बेटी विरोध प्रदर्शन में थी। उन्होंने कहा, वह डर गई थी और सबसे नेक लोगों में से एक थी। चश्मदीद हेइटकैंप के वीडियो में गाड़ी धीरे-धीरे पीछे और आगे बढ़ती दिखी। एक अन्य गवाह ने इसे खतरे के गलत आकलन पर अत्यधिक बल प्रयोग बताया।
डेमोक्रेट्स ने आईसीई छापों को तानाशाही बताया। घटना के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। जांच जारी है, लेकिन यह घटना प्रवासन नीति, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक बंटवारे को उजागर कर रही है।