जिनेवा। मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है, जहां अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के बेहद करीब सैन्य हमले की पुष्टि कर दी। राहत की बात यह है कि प्लांट को प्रत्यक्ष नुकसान नहीं हुआ, लेकिन हमला महज 75 मीटर दूर हुआ।

सैटेलाइट तस्वीरों और तकनीकी आंकड़ों के आधार पर IAEA प्रमुख रफेल ग्रॉसी ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी साझा की। 5 अप्रैल की तस्वीरों से पता चला कि प्लांट सुरक्षित है।
ग्रॉसी ने चेतावनी जारी की कि भारी परमाणु ईंधन से लबालब भरा यह सक्रिय प्लांट आसपास के सैन्य ऑपरेशनों से जोखिम में है। इससे रेडियोलॉजिकल रिसाव हो सकता है, जिसके भयावह परिणाम मानवता और पर्यावरण पर होंगे।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य कुछ भी हो, लेकिन न्यूक्लियर साइट्स के पास हमले वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सभी पक्षों से संघर्ष में परमाणु सुरक्षा के सात स्तंभों का पालन करने की अपील की।
ईरान ने पहले IAEA को पत्र लिखकर आगाह किया था कि लगातार हमलों से रेडियोएक्टिव लीक का खतरा बढ़ रहा है। तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय चुप्पी को हमलावरों को बढ़ावा देने वाला बताया।
