
तेहरान। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से टेलीफोन पर महत्वपूर्ण चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने शनिवार शाम की इस बातचीत का विवरण साझा किया, जो ईरान-अमेरिका के अप्रत्यक्ष संवादों के नए मोड़ पर केंद्रित रही।
अराघची ने ईरान की रचनात्मक भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अपने हकदार अधिकारों की रक्षा के लिए कूटनीति का सहारा लेने को प्रतिबद्ध है।
ग्रॉसी ने जेनेवा वार्ताओं को सकारात्मक करार दिया और आईएईए की ओर से बातचीत के ढांचे को मजबूत करने में मदद की इच्छा जताई। दोनों ने रचनात्मक सहयोग और निरंतर संवाद पर जोर दिया, ताकि स्थायी समझौते की दिशा में प्रगति हो सके।
यह पिछले एक सप्ताह में दोनों की दूसरी फोन बातचीत है। बुधवार को भी जेनेवा के नतीजों और वार्ता तंत्र पर विमर्श हुआ था। ईरान के मुताबिक, अगला कदम अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ को ड्राफ्ट प्रस्ताव सौंपना है, जिसके बाद एक सप्ताह में गहन बातचीत शुरू हो सकती है।
क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई, जहां ईरान ने निष्पक्ष सौदे की मांग की। 16 फरवरी को जेनेवा में अमेरिका से दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता से ठीक पहले अराघची ने ग्रॉसी से मुलाकात की थी। यह रणनीतिक तैयारी का हिस्सा था।
मुलाकात के बाद अराघची ने एक्स पर लिखा, ‘सही और समान सौदे के सच्चे विचारों के साथ जेनेवा में हूं।’ ईरान प्रतिबंध हटाने के बदले समझौते को तैयार दिख रहा है। ओमान मध्यस्थता कर रहा है—पहला दौर मस्कट में, दूसरा जेनेवा में। अराघची ने वार्ता को सकारात्मक बताया, लेकिन अमेरिकी बयानों ने सवाल खड़े किए। ट्रंप के 10 दिन के अल्टीमेटम ने तनाव बढ़ाया। ये प्रयास परमाणु कूटनीति में नई उम्मीद जगाते हैं।