
हरियाणा के सूरजकुंड में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 अफ्रीकी देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों के साथ भारत-अफ्रीका संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया। आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
हरियाणा-अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक में उद्योग, व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला लोककला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का वैश्विक केंद्र बन चुका है, जो आर्थिक बंधनों को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि भारत-अफ्रीका संबंध समानता, सम्मान और साझा प्रगति पर टिके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप हरियाणा राज्य स्तर पर मजबूत संबंध बनाने को प्रतिबद्ध है। राज्य ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए अलग विदेश सहयोग विभाग भी स्थापित किया है।
कृषि, विनिर्माण, एमएसएमई, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और स्टार्टअप्स में तेजी से उभरते हरियाणा को एनसीआर की निकटता से वैश्विक जुड़ाव और लॉजिस्टिक्स का लाभ मिला है। अफ्रीकी देशों के साथ बहुआयामी सहयोग की अपार गुंजाइश है।
कृषि को प्रमुख क्षेत्र बताते हुए सैनी ने सिंचाई, उन्नत बीज, फसल विविधीकरण, मशीनीकरण, डेयरी और पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट में हरियाणा की क्षमता का जिक्र किया। केन्या, तंजानिया, युगांडा, इथियोपिया व रवांडा के साथ संयुक्त कृषि परियोजनाएं संभव हैं।
तंजानिया के साथ हुए समझौते व्यापार व कृषि को गति देंगे। ऑटो, स्वास्थ्य, आईटी, निर्माण, कौशल विकास व नवीकरणीय ऊर्जा में भी अवसर हैं। सौर ऊर्जा व जल संरक्षण में साझा प्रयास भविष्य सुरक्षित करेंगे।
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने भारत-अफ्रीका व्यापार के 90-100 अरब डॉलर के आंकड़े पर संतोष जताया। कच्चे तेल से दवाओं तक के आदान-प्रदान के साथ शिक्षा व आईटी में विस्तार हो रहा है। यह साझेदारी दोनों क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।