
पाकिस्तान के गुजरांवाला शहर में हमास के वरिष्ठ कमांडर नाजी जहीर और लश्कर-ए-तैयबा के राशिद अली संधू की मुलाकात ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के एक कार्यक्रम के दौरान दोनों नेता एक मंच पर नजर आए, जो वीडियो में साफ दिख रहा है। संधू को लश्कर का राजनीतिक चेहरा माना जाता है, जो संगठन को कवर प्रदान करता है।
यह पहली बार नहीं है जब जहीर पाकिस्तान आया। अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले से ठीक पहले फरवरी में वह पीओके पहुंचा, जहां लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों संग भारत-विरोधी रैली को संबोधित किया। जनवरी 2024 में कराची प्रेस क्लब, अप्रैल में इस्लामाबाद हाईकोर्ट बार का सम्मान।
7 अक्टूबर 2023 के इजरायल हमले के बाद उसकी यात्राएं तेज हुईं। 14 अक्टूबर को मौलाना फजल-उर-रहमान से भेंट, पेशावर में मुजाहिदीन कॉन्फ्रेंस, क्वेटा में अल-अक्सा स्टॉर्म, और कराची में खालिद मशाल संग।
पाकिस्तान का आतंकवाद को संरक्षण जगजाहिर है। सेना-आईएसआई को हथियार और ट्रेनिंग की खबरें चिंता बढ़ाती हैं। यह गठजोड़ भारत के लिए नया खतरा पैदा कर सकता है, खासकर कश्मीर में।
खुफिया एजेंसियां नजर रख रही हैं। वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की जरूरत है ताकि ऐसी साजिशें न पनपें। पहलगाम की यादें अभी ताजा हैं।