अजरबैजान की राजधानी बाकू में 13वें बाकू ग्लोबल फोरम के दौरान चीन की वैश्विक शासन पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब तारीफ बटोरी। 12 से 14 मार्च तक चले इस आयोजन में ‘चीन और वैश्विक शासन पहल’ पर विशेष सत्र आयोजित हुआ, जहां विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने इसे बदलते विश्व में स्थिरता का आधार बताया।

अजरबैजान के अर्थव्यवस्था मंत्री मिखाइल जाबारोव ने राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के समर्थन का जिक्र किया, जो 2025 शांगहाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में सामने आया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था गंभीर संकटों से जूझ रही है और चीन ही स्थिरता का रास्ता दिखा रहा है।
स्लोवेनिया के पूर्व राष्ट्रपति बोरुत पाहोर ने बताया कि यह पहल अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार ला रही है, जिससे वैश्विक दक्षिण के देशों को अपनी आवाज बुलंद करने का मौका मिला। चीन का संघर्षों से दूर रहना इसकी विश्वसनीयता को दर्शाता है।
उज्बेकिस्तान के एर्दो अरिपोव ने कुछ देशों की ‘नियम-आधारित व्यवस्था’ की आलोचना की और कहा कि चीन की पहल व्यापक सहमति पर टिकी है। यह स्वार्थों से ऊपर उठकर सभी के सिद्धांतों को मजबूत करती है।
स्विट्जरलैंड के जोसेफ मुंडेल ने इसे मंच-केंद्रित और परिणामोन्मुख बताया, जो वैचारिक विभाजनों से परे सभी को जोड़ता है। खासकर वैश्विक दक्षिण में इसका असर गहरा है।
‘परिवर्तनशील दुनिया में मतभेदों को पाटना’ थीम पर केंद्रित फोरम ने सुरक्षा, बहुपक्षवाद और सतत विकास पर चर्चा की। ये बयान चीन के वैश्विक नेतृत्व को मजबूत संदेश देते हैं।
