
गांधीनगर। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने दो दिवसीय भारत यात्रा को सफलतापूर्वक समाप्त करते हुए मंगलवार को अहमदाबाद से स्वदेश के लिए प्रस्थान किया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर उनका भावपूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक एवं रक्षा क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। यह दौरा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संपन्न हुआ।
सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज ने महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में उच्च स्तरीय बैठक की। चर्चा रक्षा, अंतरिक्ष, नई तकनीकों, जलवायु परिवर्तन, सप्लाई चेन, कौशल विकास, शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित रही।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अहमदाबाद में चांसलर मर्ज की मेजबानी गौरवपूर्ण रही। उनकी एशिया की पहली यात्रा के लिए भारत चुनना हमारी मजबूत साझेदारी को मजबूत करता है।’
दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव में भाग लिया, जहां उन्होंने उत्सव की रंगारंगता का आनंद लिया और स्वयं पतंगें उड़ाईं।
भारतीय एवं जर्मन सीईओ के साथ बैठक में द्विपक्षीय व्यापार की रिकॉर्ड वृद्धि पर चर्चा हुई। 2024 में व्यापार 50 अरब डॉलर से अधिक पहुंचा, जो भारत-ईयू व्यापार का 25 प्रतिशत से ज्यादा है।
व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं नवीकरणीय ऊर्जा में 19 समझौते हुए। सीईओ फोरम का संयुक्त घोषणा पत्र, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों आदि में प्रगति का स्वागत किया गया।
सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के लिए नया संवाद स्थापित करने वाली घोषणा ने साझेदारी को नई दिशा दी। मर्ज के प्रस्थान के साथ भारत-जर्मनी संबंधों का नया अध्याय प्रारंभ हो चुका है।