
गांधीनगर, 13 जनवरी। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अपने दो दिवसीय भारत भ्रमण को सफलतापूर्वक समाप्त कर मंगलवार को अहमदाबाद हवाईअड्डे से स्वदेश के लिए प्रस्थान किया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य सम्मानित अतिथियों ने उनका भावभीनी विदाई दी।
दौरा शुरू होते ही गांधीनगर के महात्मा मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें रणनीतिक, आर्थिक एवं रक्षा क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। 25 वर्षों की रणनीतिक साझेदारी और 75 वर्षों के राजनयिक संबंधों के उपलक्ष्य में यह यात्रा विशेष महत्व रखती है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि चांसलर मर्ज का एशिया में पहला दौरा भारत के लिए चुनना गौरव का विषय है। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन, सप्लाई चेन, कौशल विकास, शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर गहन चर्चा की।
साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव में भाग लेते हुए दोनों ने उत्सव की रंगारंगी का आनंद लिया और स्वयं पतंगें उड़ाईं। भारतीय एवं जर्मन सीईओ के साथ बैठक में द्विपक्षीय व्यापार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने पर संतोष जताया गया, जो 2024 में 50 अरब डॉलर से अधिक हो गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं। सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में प्रगति सराहनीय रही। जर्मन-इंडियन सीईओ फोरम के संयुक्त घोषणा पत्र ने आर्थिक सहयोग को नई दिशा दी।
यह दौरा भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है, जिसमें 2025 में व्यापार वृद्धि की अपेक्षा है।