
नई दिल्ली में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा का भव्य स्वागत किया। गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यौते पर पहुंचे मर्ज का यह दो दिवसीय दौरा भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले गया, जो रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुआ।
एक्स पर पोस्ट में एकरमैन ने इसे अनोखा बताया। चर्चाओं में रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश और प्रवास प्रमुख रहे। चांसलर मर्ज एक युवा भारतीय महिला से जर्मन में बातचीत से सबसे अधिक प्रभावित हुए, जिन्होंने मात्र चार माह में भाषा सीख ली थी। सोमवार को अहमदाबाद पहुंचकर दोनों नेताओं ने रक्षा-सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने का संकल्प दोहराया, जिसमें सैन्य सहयोग और नौसेना के बंदरगाह दौरों पर संतोष जाहिर किया।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि मेजबानी का सुखद अनुभव रहा। इस यात्रा ने संबंधों में नई ऊर्जा भरी है। एशिया का पहला दौरा भारत चुनने पर गर्व है, जो मर्ज की निजी प्रतिबद्धता दर्शाता है। गुणात्मक उन्नयन पर सहमति बनी, जिसमें रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, कौशल, शिक्षा, खेल, संस्कृति और जन-संपर्क शामिल हैं। यह दौरा वैश्विक चुनौतियों के बीच दोनों देशों की मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।