
ओटावा, 15 जनवरी। विश्व की सात प्रमुख शक्तियों वाले जी-7 समूह के विदेश मंत्रियों और यूरोपीय संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान में जारी हिंसा पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने तेहरान द्वारा सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर हो रहे क्रूर दमन की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। संयुक्त बयान में कहा गया कि दिसंबर के अंत से चल रहे प्रदर्शनकारियों पर ईरानी अधिकारियों का अत्याचार असहनीय है। आर्थिक मंदी और रियाल की कीमतों में भारी गिरावट से भड़के ये विरोध जनता की बुनियादी मांगों का प्रतीक हैं।
बयान में हमलों, मनमाने गिरफ्तारी और डराने-धमकाने की रणनीतियों की भर्त्सना की गई। जी-7 ने अधिकारियों से संयम बरतने, हिंसा रोकने और अभिव्यक्ति, सूचना, शांतिपूर्ण सभा तथा संगठन बनाने की स्वतंत्रताओं का सम्मान करने की अपील की।
कनाडा व जापान के विदेश मंत्रालयों के अनुसार, यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानदंडों का उल्लंघन करता रहा तो नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हजारों मौतों की खबरों के बीच यह बयान तेहरान के लिए बड़ा संकेत है।
ईरान का आंतरिक संकट अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है, जो क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। जी-7 की एकजुटता से साफ है कि तेहरान को सुधार की राह अपनानी होगी।
