
बीजिंग में वैश्विक उत्साह का दौर चल रहा है। विदेशी सोशल मीडिया पर ‘चीन की अनूठी पहचान’ छाई हुई है, क्योंकि 2026 के वसंत महोत्सव के लिए चीन आ रहे पर्यटकों की संख्या में अपार उछाल आया है। हवाई यात्राओं की बुकिंग में सालाना आधार पर चार गुना से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है, खासकर यूरोप में दोगुनी बुकिंग। यह बदलाव दर्शकों से सक्रिय भागीदार बनने का सटीक उदाहरण है।
पिछले साल यूनेस्को द्वारा वसंत महोत्सव को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने से इसकी वैश्विक लोकप्रियता में 50 प्रतिशत से अधिक इजाफा हुआ। 2025 में वीजा-मुक्त नीतियों का विस्तार हुआ, जिससे 48 एकतरफा और 29 पारस्परिक देशों के पर्यटक बढ़े। पूर्वोत्तर के शीतकालीन नजारे और लिंगनान की विरासत में डूबने का मौका मिला।
दुनिया भर में भी उत्सव जोरदार है। 20 देशों ने इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। सिडनी में अग्नि अश्व मूर्तियां, पेरिस में रोबोट परेड, स्पेन के स्थानीय मिश्रण और ब्राजील के सांबा शेर नृत्य—यह अब स्थानीय स्मृतियों का हिस्सा बन गया।
परिवार पुनर्मिलन, वर्षांत विदाई, नववर्ष स्वागत और समृद्धि की आकांक्षा जैसी भावनाएं इसे सार्वभौमिक बनाती हैं। ये सीमाओं को पार कर बंधन जोड़ती हैं।
चीन की सॉफ्ट पावर का योगदान है। वैश्विक सूचकांकों में शीर्ष पर पहुंचा चीन ‘चीनी विचारधारा’ को ट्रेंड बना रहा। अश्व वर्ष की प्रगति के साथ चीनी नववर्ष अब वैश्विक फैशन है, जो विविधता के सामंजस्य को गहराई से प्रतिबिंबित करता है।