
स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच 2026 की सभा ने वैश्विक तनाव को नंगा कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यहां पहुंचे, लेकिन फ्रांस के पेरिस में जी7 की आपात बैठक ठुकरा दी।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के न्योते पर ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर बातचीत का स्क्रीनशॉट शेयर कर खारिज कर दिया। उन्होंने मैक्रों की स्थिरता पर सवाल उठाए।
ट्रंप का ग्रीनलैंड पर कब्जे का इरादा और कनाडा में रुचि ने मंच के नेताओं को झकझोर दिया। उन्होंने प्रमुख शक्तियों के दबाव का डटकर मुकाबला करने की अपील की।
मैक्रों ने उभरते देशों, ब्रिक्स और जी20 से गठजोड़ बढ़ाने पर जोर दिया। ‘वैश्विक अस्थिरता का सामना एकजुट होकर करें।’
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, ‘मध्यम शक्तियां एक हो जाएं, वरना मेज पर नहीं तो मेन्यू में होंगी। बड़ी ताकतें अब बेलगाम हैं।’
उन्होंने कहा, ‘विश्व व्यवस्था चरमराई रही है, आदर्श युग का अंत, क्रूर हकीकत की शुरुआत जहां भू-राजनीति अनियंत्रित है। हम विघटन के दौर में हैं।’
ट्रंप ने ग्रीनलैंड विरोधी सात देशों पर 10% टैरिफ की धमकी दी। यूरोपीय संघ की उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे खतरनाक बताया, जो दुश्मनों को फायदा पहुंचाएगा।
अमेरिकी अधिकारी दावोस में आश्वासन देते घूमे। वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने शांति की अपील की। ट्रेड प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने टैरिफ को बातचीत की चाल कहा।
मैक्रों ने अमेरिका पर यूरोप को टैरिफ से अधीन करने का आरोप लगाया। चीन की अतिउत्पादन क्षमता, रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया।
ग्रीनलैंड पर फ्रांस संप्रभुता, संयुक्त राष्ट्र के पक्ष में। डेनमार्क समर्थन में संयुक्त अभ्यास का ऐलान।
द्वितीय विश्व युद्ध के सबक से सहयोग जरूरी, मध्यम राष्ट्र नई एकता रच रहे हैं।