
पेशावर। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। टैंक जिले में पुलिस वाहन पर आईईडी धमाके से सात जवान शहीद होने के महज एक दिन बाद बन्नू में अज्ञात बदमाशों ने जिरगा सदस्यों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में चार लोग मारे गए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गुलबदीन लुंडई क्षेत्र में जिरगा बैठक से लौट रहे ये सदस्य थे। हमले के बाद पुलिस ने शवों को जिला अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम करवाया। इलाके में छापेमारी तेज कर दी गई है ताकि हत्यारों को पकड़ा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
यह घटना प्रांत में बढ़ते आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि में हुई है। सोमवार को गोमल बाजार रोड पर विस्फोट से पुलिस का बख्तरबंद वाहन उड़ गया था। शहीदों में एचएचओ इशाक अहमद खान, एडिशनल एसएचओ शेर असलम, चालक अब्दुल मजीद और एलीट फोर्स के अरशद अली, शौकत अली, हजरत अली व एहसानुल्लाह शामिल थे। एक राहगीर की भी मौत हुई।
पिछले साल 21 नवंबर को बन्नू के होवेड में सात जिरगा सदस्य मारे गए थे। हाल ही में लक्की मरवत व बन्नू में चार पुलिसकर्मियों की हत्या हुई। आईएसपीआर के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि 2024 में 75,175 खुफिया अभियान चलाए गए, जिनमें केपी में 14,658 थे। उन्होंने 5,397 घटनाओं को अफगान आतंकियों से जोड़ा।
उत्तर-पश्चिमी सीमांत पर चरमपंथियों की सक्रियता बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा बल निर्बाध कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। शांति की बहाली ही एकमात्र समाधान है।