
नई दिल्ली में 5 मार्च को फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत के व्यावहारिक दृष्टिकोण और स्वायत्तता का सम्मान करने वाली नीति से सीखना चाहिए।
भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताते हुए स्टब ने कहा, ‘आप यूरोप के प्रमुख रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं। आपकी प्रगति यहां रोज देखने को मिल रही है।’ उन्होंने पीएम मोदी की कूटनीतिक क्षमता की सराहना की।
भारत की विदेश नीति को यथार्थवादी और स्पष्ट बताते हुए स्टब बोले, ‘आपने कभी भ्रम में नहीं रहे। रणनीतिक स्वायत्तता की रक्षा करते हुए बहुपक्षवाद का समर्थन किया है। मेरा मानना है कि दुनिया थोड़ी भारतीय हो जाए।’
बदलते वैश्विक व्यवस्था में भारत और ग्लोबल साउथ के सहयोग से भविष्य का आकार बनेगा, उन्होंने कहा। चर्चा में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग, पश्चिम एशिया व यूक्रेन संघर्ष शामिल रहे। युद्ध समाप्ति सभी के हित में है और शांति संयुक्त राष्ट्र सिद्धांतों पर ही टिकी है।
भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए, स्टब ने जोर देकर कहा। भारत-ईयू संबंध रणनीतिक साझेदारी के रूप में मजबूत हो रहे हैं। उनके साथ 20 फिनिश कंपनियां प्रौद्योगिकी, क्वांटम, सैटेलाइट, नेटवर्क, खाद्य एवं हरित प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रुचि रखती हैं।
यह दौर भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है, जो द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।