
मुंबई में रविवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने अपना राजकीय भारत दौरा समाप्त किया। ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी भरा विदाई समारोह आयोजित किया, जो दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह दौरा लाभदायक रहा और संबंध अब डिजिटलाइजेशन व स्थायित्व पर रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंच गए हैं। इस दौरान स्टब ने भारत व ग्लोबल साउथ की बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था में न्यायपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा में एआई, 5जी-6जी, डेटा एनालिटिक्स व क्वांटम जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने अनुसंधान व नवाचार को प्रोत्साहन देने का वादा किया।
भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग व फिनलैंड की बिजनेस फिनलैंड के बीच संयुक्त शोध परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट सिटी, हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन व अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित होंगी।
5 मार्च को रायसीना डायलॉग में स्टब ने वैश्विक शक्ति संतुलन पर कहा कि भारत जैसा 7 प्रतिशत विकास वाला लोकतंत्र पश्चिमी प्रभुत्व के अंत का संकेत देता है। उन्होंने यूक्रेन, पश्चिम एशिया व सूडान संघर्षों का जिक्र कर हिंसा के विदेश नीति हथियार बनने पर चिंता जताई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर के यूरोप संबंधी बयान का समर्थन करते हुए स्टब ने कहा कि यूरोप को अपनी समस्याओं को वैश्विक न मानना होगा। यह दौरा भारत-फिनलैंड संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले गया है।