
वॉशिंगटन। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने लैटिन अमेरिकी क्षेत्रों के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने वाले विमानों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है। इसमें सैन्य गतिविधियों और जीपीएस हस्तक्षेप के खतरे का जिक्र किया गया है। मेक्सिको, मध्य अमेरिका, पनामा, बोगोटा, गुआयाकिल, माजातलान और पूर्वी प्रशांत महासागर के विशाल हिस्सों पर लागू ये नोटिस टू एयरमेन (एनओटीएएम) शुक्रवार से 60 दिनों तक प्रभावी रहेंगे।
एफएए के प्रवक्ता के अनुसार, ये चेतावनियां अमेरिकी विमान संचालकों के लिए हैं, जहां ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम में बाधा आ सकती है, जो उड़ान, लैंडिंग या टेकऑफ के दौरान खतरनाक साबित हो सकती है।
यह कदम अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ने के बीच आया है, खासकर वेनेजुएला पर हालिया हमलों के बाद, जहां राष्ट्रपति निकोलास मादुरो को युद्ध कैदी घोषित किया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने मेक्सिको, कोलंबिया के ड्रग कार्टेल और क्यूबा को कड़ी चेतावनी दी है।
इससे पहले जनवरी में वेनेजुएला, कुराकाओ, प्यूर्टो रिको और त्रिनिदाद पर उड़ान प्रतिबंध लगाए गए थे। सात नई एडवाइजरी पूर्वी प्रशांत को कवर करती हैं।
मेक्सिको सरकार ने इसे खारिज किया, कहा- हमारे संचालन पर कोई असर नहीं। लेकिन क्षेत्रीय देशों में अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंका बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर इसे ट्रंप की रणनीति या सामान्य अलर्ट बताया जा रहा है। ये चेतावनियां क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को दर्शाती हैं।
