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यूक्रेन पर ट्रंप-पुतिन की मुलाकात से चिंतित यूरोप, अब अकेले करेगा मदद

अलास्का में प्रस्तावित ट्रंप और पुतिन की मुलाकात को लेकर यूरोप चिंतित है। यूरोप का मानना ​​है कि इस बैठक का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा, क्योंकि ट्रंप और यूरोप के हितों में टकराव है। यह मुलाकात...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
August 11, 2025
यूक्रेन पर ट्रंप-पुतिन की मुलाकात से चिंतित यूरोप, अब अकेले करेगा मदद
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अलास्का में प्रस्तावित ट्रंप और पुतिन की मुलाकात को लेकर यूरोप चिंतित है। यूरोप का मानना ​​है कि इस बैठक का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा, क्योंकि ट्रंप और यूरोप के हितों में टकराव है। यह मुलाकात यूक्रेन और यूरोप दोनों के लिए खतरे का सबब बन सकती है। इसलिए, यूरोप ने गहन विचार-विमर्श करने की तैयारी की है। यूरोप का कहना है कि रूस के साथ डील करने का अधिकार यूक्रेन का है और यूक्रेन की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। यदि ट्रंप पुतिन की शर्तों पर झुकते हैं, तो यूरोपीय संघ (EU) युद्ध में यूक्रेन की मदद करेगा। रूस ने तीन साल के युद्ध में यूक्रेन के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। 22 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, 1,15,440 वर्ग किलोमीटर यूक्रेनी भूमि रूस के नियंत्रण में है। यूरोप को डर है कि ट्रंप यूक्रेन को अपनी जमीन सरेंडर करने का दबाव डाल सकते हैं। यूरोपीय देशों का मानना ​​है कि रूस के साथ डील करने का अधिकार यूक्रेन का है और जेलेंस्की को वार्ता में शामिल होना चाहिए। ट्रंप ने कहा है कि जेलेंस्की को मीटिंग में ले जाने का कोई मतलब नहीं है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि पुतिन के साथ डील बन भी सकती है और बिगड़ भी सकती है। युद्धविराम रुकवाने के लिए ट्रंप का उतावलापन यूरोप और यूक्रेन दोनों समझते हैं। वे जानते हैं कि ट्रंप यूक्रेन की संप्रभुता को दांव पर लगाकर युद्धविराम कराने का दबाव डालेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्रंप को पुतिन पर भरोसा करने से बचने की चेतावनी दी है। यूरोप ने ट्रंप को मनाने और पूरे यूरोप को एकजुट करने की कोशिश तेज कर दी है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने एक वर्चुअल समिट बुलाई है, जिसमें ट्रंप, जेलेंस्की, यूरोपीय संघ और नाटो नेताओं को आमंत्रित किया गया है। यूरोपीय देश नहीं चाहते हैं कि यूक्रेन की जमीन का थोड़ा सा भी हिस्सा रूस के कब्जे में जाए।

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