
ईरान में विरोध प्रदर्शनों का दौर दो सप्ताह से अधिक बीत चुका है, लेकिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। विभिन्न समाचार स्रोतों से सामने आ रहे आंकड़े भयावह हैं, जिनमें रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारी के हवाले से 2,000 मौतों का दावा किया है। यूरोपीय संघ ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर पोस्ट कर इसे भयानक बताया। उन्होंने ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा बल के अत्यधिक प्रयोग और स्वतंत्रताओं पर लगातार पाबंदियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को पूरी तरह मानवाधिकार प्रतिबंध सूची में शामिल कर लिया गया है।
उन्होंने उच्च प्रतिनिधि काया कलास के साथ मिलकर दमनकारी लोगों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव शीघ्र पेश करने की बात कही। लेयेन ने आश्वासन दिया, ‘हम ईरान के उन लोगों के साथ खड़े हैं जो अपनी आजादी के लिए साहसपूर्वक संघर्ष कर रहे हैं।’
इधर, दोहा में कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने अमेरिका की ईरान को दी गई धमकी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तनाव बढ़ने से क्षेत्र और विश्व में विनाशकारी परिणाम होंगे, इसलिए इससे बचना जरूरी है।
अल-अंसारी ने कूटनीतिक समाधान पर भरोसा जताया और सभी पक्षों, विशेषकर पड़ोसियों के साथ बातचीत जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ईरान संकट पर वैश्विक नजरें टिकी हैं, जहां यूरोपीय संघ की कार्रवाई और कतर की अपील शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।