
ब्रसेल्स से बड़ी खबर आ रही है। यूरोपीय संघ की आयुक्त डुब्रावका सुइका इस हफ्ते वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में हिस्सा लेंगी। ईयू आयोग के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है। सुइका बैठक में पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहेंगी, सदस्य के रूप में नहीं।
प्रवक्ता गिलौम मर्सियर ने पत्रकारों से कहा, “ईयू आयोग बोर्ड का सदस्य नहीं बन रहा। हम गाजा में युद्धविराम लागू करने के अपने संकल्प को दोहराने और पुनर्निर्माण की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों में योगदान देने के लिए इसमें शरीक हो रहे हैं।”
यह कदम दिखाता है कि ब्रसेल्स ट्रंप के नेतृत्व वाले इस बोर्ड के साथ सहयोग की पूरी संभावना को खारिज नहीं कर रहा। हालांकि, अधिकांश ईयू देशों ने इसके चार्टर और शासन संरचना पर सवाल उठाते हुए औपचारिक सदस्यता ठुकरा दी है। सभी 27 सदस्य देश बोर्ड के दायरे पर एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वाले हैं।
ईयू फिलिस्तीनियों को मानवीय सहायता का सबसे बड़ा दानदाता है। 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ईयू ने इलाके को 1.65 अरब यूरो की मदद दी है। इसलिए, वह किसी भी पुनर्निर्माण प्रक्रिया से खुद को अलग नहीं होने देना चाहता।
जनवरी में दावोस में लॉन्च हुए इस बोर्ड का उद्देश्य 20-सूत्री शांति योजना के तहत गाजा में बदलाव की निगरानी करना है। लेकिन ट्रंप का अध्यक्ष पद से हटने के बाद भी आजीवन चेयरमैन बने रहने का प्रावधान यूरोपीय देशों को चिंतित कर रहा है।
मध्य पूर्व में शांति प्रयासों के बीच ईयू का यह पर्यवेक्षक रुख महत्वपूर्ण हो सकता है। क्या यह सहयोग की नई शुरुआत है या सिर्फ सतर्क निगरानी? वाशिंगटन से अपडेट का इंतजार।