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एप्स्टीन फ़ाइलें: 33 हजार पन्नों की रिपोर्ट सार्वजनिक

अमेरिकी कांग्रेस की हाउस ओवरसाइट कमेटी ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े 33 हजार से ज्यादा पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक कर दिए हैं। यह पहला बैच है जिसे अमेरिकी न्याय विभाग ने सौंपा...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
September 2, 2025
एप्स्टीन फ़ाइलें: 33 हजार पन्नों की रिपोर्ट सार्वजनिक
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अमेरिकी कांग्रेस की हाउस ओवरसाइट कमेटी ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े 33 हजार से ज्यादा पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक कर दिए हैं। यह पहला बैच है जिसे अमेरिकी न्याय विभाग ने सौंपा था। दस्तावेज़ समिति की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं।

लंबे समय से पारदर्शिता की मांग और ट्रंप प्रशासन पर उठ रहे सवालों के बीच इन दस्तावेज़ों को जारी किया गया है। हालांकि, इनमें से कई फाइलें पहले से ही अदालतों और सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध थीं।

कमेटी ने बताया कि यह पहला बैच है जिसे अमेरिकी न्याय विभाग ने सार्वजनिक किया है। यह फ़ाइल कुल 33,295 पन्नों की है जिसे समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया। इनमें न्याय विभाग के अधिकारी टॉड ब्लांश और एपस्टीन की सहयोगी और जेल में बंद गिसलेन मैक्सवेल की पूछताछ और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं। पाम बीच पुलिस की एपस्टीन के घर की तलाशी का वीडियो और 2019 में न्यूयॉर्क जेल में एपस्टीन की कथित आत्महत्या से जुड़ी वीडियो फुटेज भी हैं। शुरुआती पुलिस जांच से जुड़े ऑडियो रिकॉर्ड भी इसमें शामिल हैं।

कैलिफ़ोर्निया के डेमोक्रेट सदस्य रोबर्ट गार्सिया ने आरोप लगाया कि न्याय विभाग ने व्हाइट हाउस की जवाबदेही से ध्यान भटकाने के लिए इन फ़ाइलों को जारी किया है। उन्होंने कहा कि गिसलेन मैक्सवेल एक दोषी तस्कर है और ट्रंप प्रशासन से माफ़ी की गुहार लगा रही थी, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वहीं, कमेटी चेयरमैन जेम्स कोमर ने कहा कि दस्तावेज़ अपलोड करने का मक़सद पूरी पारदर्शिता है ताकि अमेरिकी जनता स्वयं देख सके कि इन फ़ाइलों में क्या है।

जेफ्री एपस्टीन एक प्रभावशाली राजनीतिक और कारोबारी संपर्कों वाला अरबपति था, जिसे 2019 में जेल में मृत पाया गया था। उस पर नाबालिग लड़कियों की यौन तस्करी के गंभीर आरोप थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी न्याय विभाग की समीक्षा सूची में सामने आया था, हालांकि अब तक किसी अपराध में उनकी संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं।

ट्रंप समर्थक लंबे समय से दावा करते रहे हैं कि डीप स्टेट और डेमोक्रेट नेताओं ने एपस्टीन से जुड़े नामों को छिपाने की साज़िश रची। यही वजह है कि उनके समर्थक इस दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने को लेकर खासकर उत्साहित हैं।

कमेटी ने कहा है कि आने वाले हफ़्तों में और दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएँगे। हालांकि, पीड़ितों की पहचान और संवेदनशील सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए कुछ हिस्से हटाए जाएँगे। इस बीच, डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के सांसद पूरी तरह से बिना रोक-टोक इन फ़ाइलों की रिलीज़ की मांग कर रहे हैं।

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