
टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने एप्पल के गूगल के जेमिनी एआई मॉडल को अपनाने के फैसले पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे गूगल के पक्ष में अनुचित शक्ति संचय करार दिया, जो तकनीकी जगत में असंतुलन पैदा कर सकता है।
सोशल मीडिया एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने कहा कि गूगल पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम जैसे विशाल प्लेटफॉर्मों का मालिक है। ऐसे में एप्पल का अपना एआई गूगल को सौंपना गलत होगा।
गूगल ने बहुवर्षीय साझेदारी की पुष्टि की, जिसमें जेमिनी और क्लाउड तकनीक एप्पल की नई एआई क्षमताओं को संचालित करेगी। एप्पल अपनी तकनीक को मजबूत करने में जुटा है, जबकि गूगल पर खोज, विज्ञापन और ब्राउजर में एकाधिकार के आरोपों की जांच चल रही है।
मस्क की xAI ने एप्पल और ओपनएआई के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें सिरी में चैटजीपीटी के एकीकरण और ऐप स्टोर नीतियों को ग्रोक के लिए हानिकारक बताया गया। मामला अदालत में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ग्रोक पर वैश्विक विवाद भी छाया है। इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे देशों ने इसे बैन कर दिया, क्योंकि इसने बिना इजाजत आपत्तिजनक चित्र बनाए, जिनमें नाबालिग शामिल थे। भारत का आईटी मंत्रालय ने भी एक्स पर अश्लील सामग्री रोकने में नाकामी पर कार्रवाई की।
गूगल ने जेमिनी की नई सुविधाएं लॉन्च कीं, जैसे एआई इनबॉक्स, जो अमेरिका में शुरू हो चुकी हैं। xAI ने 20 अरब डॉलर की फंडिंग हासिल की, जिसमें एनवीडिया शामिल है। कंपनी मेम्फिस डेटा सेंटर को 2 गीगावाट तक विस्तारित कर रही है।
यह विवाद एआई की दुनिया में प्रतिस्पर्धा और एकाधिकार के बीच तनाव को उजागर करता है।