
डच विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड में सैन्य सहायता देने वाले आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की योजना को सख्ती से ‘ब्लैकमेल’, ‘असमझने योग्य’ और ‘अनुचित’ करार दिया है। यह विवाद आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड पर नाटो की तैयारियों से जुड़ा है।
रविवार को प्रसारित ‘डब्ल्यूएनएल ऑप जोनदाक’ कार्यक्रम में वैन वील ने कहा कि इस ‘बेतुकी योजना’ को रद्द करने के लिए तत्काल प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, ‘यह ब्लैकमेल है, सहयोगियों के प्रति ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं।’
धमकियों के बावजूद नीदरलैंड्स अपने दो कर्मियों को ग्रीनलैंड से वापस नहीं बुला रहा, जो नाटो अभ्यास की तैयारी के लिए भेजे गए थे। मंत्री ने पुष्टि की कि वास्तविक अभियान शुरू होने पर और सैनिक भेजे जाएंगे, हालांकि संख्या अभी तय नहीं।
इस हफ्ते दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में यूरोपीय नेता और ट्रंप शामिल होंगे। वैन वील ने कहा, ‘वहां हमें ढेर सारा काम करना है, खासकर इस पागलपन भरे प्रस्ताव को समाप्त करना।’
यूरोपीय संघ ने चेताया कि यह कदम अमेरिका-यूरोप संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है। आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 10 प्रतिशत टैरिफ को ‘खतरनाक गिरावट’ का कारण बताया।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि 1 फरवरी से ऐसे देशों के सामानों पर टैरिफ लगेंगे, जो जून तक ग्रीनलैंड न खरीदने पर 25 प्रतिशत हो जाएगा।
रक्षा मंत्री रूबेन ब्रेकेलमैन ने डेनिश मिशन के तहत दो सैन्यकर्मियों को भेजने की घोषणा की थी। यह घटना आर्कटिक रणनीति पर उभरते तनाव को दर्शाती है।