
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मंगलवार भोर अमेरिकी दूतावास पर दो ईरानी ड्रोनों का हमला हुआ, जिससे भवन में भीषण आग लग गई। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि सोमवार रात के इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, क्योंकि घटना के समय इमारत खाली थी।
ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष का यह चौथा दिन है, जो 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या हो गई। जवाब में तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर ड्रोन व मिसाइल बरसाए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश दिया कि प्रतिक्रिया जल्द ही सामने आ जाएगी।
हमले के तुरंत बाद दूतावास ने रियाद, जेद्दाह और धाहरण के लिए ‘शेल्टर इन प्लेस’ निर्देश जारी किए। सैन्य केंद्रों पर गैर-जरूरी यात्रा बंद, अमेरिकी नागरिकों से तत्काल आश्रय लेने की अपील। बयान में कहा गया, ‘क्षेत्रीय स्थिति पर नजर। नवीनतम अलर्ट देखें, यात्रा योजनाएं संशोधित करें और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।’
विदेश में रहते अमेरिकियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा योजना बनाने पर जोर। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दूतावास परिसर से उठते काले धुएं और आग बुझाने वाली गाड़ियों के दृश्य दिख रहे हैं। सऊदी ने ड्रोन रोकने में चूक पर चुप्पी साधी है।
राजधानी का किंग खालिद हवाई अड्डा चालू है, लेकिन पड़ोसी देशों में बंद हवाई क्षेत्र से उड़ानें प्रभावित। मध्य पूर्व में तनाव चरम पर, वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर असर की आशंका। अमेरिकी मिशन की सतर्कता से क्षेत्रीय अमेरिकियों को राहत, लेकिन संघर्ष की आग तेज हो रही है।