scorecardresearch
LokShakti Logo
मुख्य पृष्ठविदेशडितवाह चक्रवात: 123 की मौत, भारत का 'ऑपरेशन सागर बंधु' मदद के लिए

डितवाह चक्रवात: 123 की मौत, भारत का 'ऑपरेशन सागर बंधु' मदद के लिए

श्रीलंका भीषण चक्रवात 'डितवाह' की तबाही झेल रहा है। इस विनाशकारी तूफान ने कई जिलों में भयंकर बाढ़ और जानलेवा भूस्खलन को जन्म दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मची है। आधारभूत ढांचे बुरी तरह...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
November 28, 2025
डितवाह चक्रवात: 123 की मौत, भारत का 'ऑपरेशन सागर बंधु' मदद के लिए
--- Advertisement ---
Jharkhand Banner Advertisement

श्रीलंका भीषण चक्रवात 'डितवाह' की तबाही झेल रहा है। इस विनाशकारी तूफान ने कई जिलों में भयंकर बाढ़ और जानलेवा भूस्खलन को जन्म दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मची है। आधारभूत ढांचे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार, चक्रवात डितवाह से हुए नुकसान ने पूरे देश के समुदायों को गहरे स्तर पर प्रभावित किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है। साथ ही, 130 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, और बचाव व राहत अभियान चल रहे हैं।

कैंडी जिले में सबसे अधिक 51 लोगों की जान गई है, जबकि 67 लोग अभी भी लापता हैं। बटुल्ला जिले में 35 मौतें कन्फर्म हुई हैं और 27 लोग लापता हैं। इसके अलावा, केगाले में नौ, मटाले में आठ, नुवारा एलिया में छह और अम्पारा में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कुल मिलाकर, 102,877 परिवारों के 373,428 लोग बाढ़, भूस्खलन और तेज हवाओं से प्रभावित हुए हैं।

बचाव और राहत कार्यों के तहत, अनुराधापुरा-पुट्टलम सड़क पर काला ओया पुल पर बाढ़ के पानी में बह गई एक बस से लगभग 40 लोगों को बचाया गया, जिनमें एक विदेशी महिला भी शामिल थी। बस में लगभग 60 यात्री सवार थे, जब बढ़ते पानी ने उसे रास्ते से हटा दिया, जिससे यात्रियों को पास के एक घर की छत पर शरण लेनी पड़ी।

भारत ने 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत श्रीलंकाई सहायता का विस्तार किया है। भारतीय वायु सेना का एक IL-76 विमान 80 कर्मियों, चार स्निफर कुत्तों, राहत सामग्री और बचाव उपकरणों के साथ कोलंबो पहुंचा। ये NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) के कर्मी हैं जो राहत कार्यों में सहायता करेंगे। भारतीय नौसेना के जहाज INS विक्रांत और INS उदयगिरी ने भी राहत सामग्री पहुंचाई है। कोलंबो में भारतीय दूतावास ने आपातकालीन सहायता डेस्क भी स्थापित की है।

भारत के तमिलनाडु में भी चक्रवात डितवाह के संभावित प्रभाव के लिए तैयारी की जा रही है। 14 NDRF टीमें तटीय जिलों में तैनात हैं। पुणे और वडोदरा से अतिरिक्त टीमें चेन्नई भेजी गई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय में लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

--- Advertisement ---
--- Advertisement ---
--- Advertisement ---
Jharkhand Sidebar Advertisement 300x250