
बांग्लादेश में ऐतिहासिक नामों को बदलने का सिलसिला तेज हो गया है। ढाका यूनिवर्सिटी ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम कट्टरपंथी इस्लामी नेता शरीफ उस्मान हादी के नाम पर ‘उस्मान हादी हॉल’ करने का निर्णय लिया है। हादी की राजधानी में पिछले माह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
विश्वविद्यालय के सिंडिकेट ने गुरुवार को वाइस चांसलर नियाज अहमद खान की अध्यक्षता में यह प्रस्ताव पास कर सीनेट को भेज दिया। प्रॉक्टर सैफुद्दीन अहमद ने पुष्टि की कि प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी तरह शेख फाजिलतुन्नेसा हॉल का नाम ‘कैप्टन सितारा परवीन हॉल’ हो जाएगा।
यह कदम 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़ी विरासत पर हमलों के बीच उठा है, जिससे मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में इतिहास मिटाने की आशंका बढ़ी है। हादी की मौत के बाद छात्रों ने हॉल की मूल पट्टिका हटा दी और भित्तिचित्र मिटा दिया। उनके समर्थकों ने अल्पसंख्यकों, भारतीय दूतावास और मीडिया पर हमले किए।
सिंडिकेट ने अवामी लीग समर्थक चार शिक्षकों पर भी कार्रवाई शुरू की, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। पहले भी तीन शिक्षकों पर छात्रों ने हमला किया था। अंतरिम सरकार में कानून-व्यवस्था चरमरा रही है, शैक्षिक स्वतंत्रता खतरे में है। यह बदलाव बांग्लादेश के भविष्य को प्रभावित करेंगे।