
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर ताजा टिप्पणियों ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन को भड़का दिया है। वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई के बाद ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर फिर निशाना साधा, जिससे कयास लग रहे हैं कि अमेरिका का अगला लक्ष्य कौन सा देश हो सकता है। डेनमार्क की पीएम ने सख्त लहजे में कहा कि अगर अमेरिका किसी अन्य नाटो देश पर हमला करता है, तो सब कुछ ठप हो जाएगा।
डेनिश ब्रॉडकास्टर डीआर को दिए इंटरव्यू में फ्रेडरिक्सन ने ट्रंप की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ट्रंप को गंभीरता से लेना पड़ता है जब वह ग्रीनलैंड पर दावा करते हैं। डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने बार-बार इस विचार को खारिज किया है कि ग्रीनलैंड अमेरिका का हिस्सा बने। पीएम ने जोर देकर कहा कि सीमाओं का सम्मान अनिवार्य है और यूरोप इस मुद्दे पर एकजुट है।
ट्रंप ने हाल ही में द अटलांटिक को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की सख्त जरूरत है, खासकर आर्कटिक क्षेत्र की रक्षा के लिए। इस पर फ्रेडरिक्सन ने जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का कोई हक नहीं। उन्होंने वॉशिंगटन से धमकी भरी भाषा बंद करने की मांग की। जनवरी 2025 से ऑफिस संभालने के बाद ट्रंप ने सैन्य या आर्थिक दबाव डालने की धमकी भी दी है।
यूरोपीय नेता डेनमार्क के समर्थन में उतर आए हैं। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमाएं जबरन नहीं बदली जा सकतीं। ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने ग्रीनलैंड के भविष्य को डेनमार्क और स्थानीय लोगों के हाथों में बताया। जर्मन विदेश मंत्री ने इसे नाटो की सामूहिक रक्षा से जोड़ा। ट्रंप ने लुइसियाना के गवर्नर को ग्रीनलैंड के लिए विशेष दूत भी नियुक्त किया, जिससे कूटनीतिक तनाव बढ़ गया। ग्रीनलैंड विवाद, ट्रंप ग्रीनलैंड दावा, डेनमार्क अमेरिका तनाव जैसे कीवर्ड इस मुद्दे को गर्माए रख रहे हैं।
