
राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस की तैयारियों के बीच दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। 26 जनवरी को अशांति फैलाने की धमकियों के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 197, 152 और 61 के तहत यह मामला दर्ज किया। ये धाराएं आपराधिक साजिश, देश की संप्रभुता को खतरा पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों को कवर करती हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पन्नू ने दिल्ली को निशाना बनाने की चेतावनी दी। उसने रोहिणी और डाबरी जैसे इलाकों में खालिस्तानी स्लीपर सेल द्वारा पोस्टर चिपकाए जाने का दावा किया।
हालांकि, स्पेशल सेल की तलाशी में कहीं भी ऐसे पोस्टर नहीं मिले। वीडियो के स्रोत और पन्नू के इरादों की जांच तेज हो गई है।
इसके साथ ही, क्रोएशिया में भारतीय दूतावास पर खालिस्तानी हमले ने चिंताएं बढ़ाईं। 22 जनवरी को कार्यकर्ताओं ने तिरंगा उतारकर खालिस्तान झंडा फहराया, जिसका वीडियो पन्नू ने शेयर किया।
विदेश मंत्रालय ने इसकी कड़ी निंदा की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। यह घटना भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुई।
विदेशी मिट्टी पर खालिस्तानी तत्वों की बढ़ती सक्रियता चिंताजनक है। दिल्ली पुलिस की यह एफआईआर आतंकी साजिशों को कुचलने का संकल्प दर्शाती है। गणतंत्र दिवस शांतिपूर्ण बीते, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।