
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला शहर में एक ईसाई सफाई कर्मचारी पर चार फल विक्रेताओं ने क्रूर हमला किया। लगभग दो किलोग्राम वजनी लोहे के बाट से पीटे जाने के कारण यूसुफ मसीह बुरी तरह घायल हो गया। अल्पसंख्यक अधिकार संगठन वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
चश्मदीदों के अनुसार, बाजार में हुए इस हमले के दौरान आसपास के लोग भयभीत थे, लेकिन कुछ ने हिम्मत दिखाते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया। वीओपीएम का कहना है कि आरोपी पहले भी यूसुफ के पर्यवेक्षक के साथ दुर्व्यवहार कर चुके थे, जिससे यह घटना रोकी जा सकती थी।
स्थानीय पादरी इमरान अमानत ने कहा, ‘यह कोई पहली घटना नहीं है। पाकिस्तान में ईसाई मजदूरों को रोजाना भेदभाव, अपमान और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।’ पंजाब के ईसाई समुदायों में यह आवाज गूंज रही है, जहां ये लोग सफाई और सीवर जैसी निचली सेवाओं में कार्यरत हैं।
संगठन ने बताया कि दशकों से ईसाई आर्थिक तंगी और सामाजिक बहिष्कार झेल रहे हैं। वीओपीएम ने जोर देकर कहा कि यूसुफ मसीह के लिए न्याय केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की अंतरात्मा की परीक्षा है। गरीबी या धर्म किसी की कीमत नहीं तय कर सकता।
यह मामला पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। अधिकार कार्यकर्ता आशा करते हैं कि दोषियों को सजा मिलेगी और ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।