
बीजिंग के तियांगोंग स्पेस स्टेशन ने 2025 में अंतरिक्ष विज्ञान, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण प्रयोगों और नई तकनीकों के परीक्षण में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की। जीवन विज्ञान से लेकर माइक्रोग्रैविटी भौतिकी तक सभी क्षेत्रों में आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं स्थापित हो चुकी हैं, जो प्रमुख मिशनों की सफलता सुनिश्चित करती हैं।
चीनी विज्ञान अकादमी के अनुसार, कक्षा में अंतरिक्ष अनुप्रयोग प्रणाली के तहत 31 नई परियोजनाएं शुरू की गईं। इनसे 150 टीबी से अधिक मूल्यवान वैज्ञानिक आंकड़े प्राप्त हुए, जो विभिन्न अनुसंधानों को गति प्रदान कर रहे हैं।
सबसे बड़ी उपलब्धि रही स्टेशन पर पहला चूहा-आधारित अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोग, जो सफल रहा। चीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार उपचुंबकीय-सूक्ष्मगुरुत्व मिश्रित वातावरण में जैविक अध्ययन किया।
इसके साथ ही, अंतरिक्ष उपयोग के लिए लिथियम आयन बैटरी के इन-सीटू इलेक्ट्रोकेमिकल और ऑप्टिकल परीक्षण भी संपन्न हुए। ये सफलताएं चीन की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को मजबूत आधार प्रदान करती हैं।