
9 मार्च को बीजिंग के जन ब्रहद भवन में 14वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के चौथे सत्र की दूसरी पूर्ण बैठक आयोजित हुई। राष्ट्रपति शी चिनफिंग सहित सीपीसी और चीनी सरकार के वरिष्ठ नेता इस महत्वपूर्ण सत्र में शरीक हुए। बैठक में एनपीसी स्थायी समिति, सर्वोच्च जन न्यायालय तथा सर्वोच्च जन अभियोजन कार्यालय की कार्यप्रणाली रिपोर्टों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। साथ ही विधायी समीक्षा प्रगति और कानूनों के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
एनपीसी स्थायी समिति के अध्यक्ष झाओ लेस्ती ने अपनी रिपोर्ट में 2025 को असाधारण वर्ष करार दिया। शी चिनफिंग विचारधारा से प्रेरित होकर समिति ने आधुनिकीकरण पर केंद्रित विधायी कार्यों से नई उपलब्धियां हासिल कीं। संविधान प्रवर्तन मजबूत किया गया, जातीय एकता कानून मसौदे की दोहरी समीक्षा हुई तथा ताइवान पुनर्मिलन स्मृति दिवस स्थापित हुआ।
पिछले वर्ष 40 विधेयक समीक्षित हुए जिनमें 24 पारित। 22 निगरानी रिपोर्टें सुनीं, 5 कानूनों का निरीक्षण। प्रतिनिधि कार्य गहन किया, कूटनीति को बढ़ावा तथा क्षमता निर्माण मजबूत। 2026, 15वीं पंचवर्षीय योजना का प्रथम वर्ष होने पर स्थिर प्रगति पर जोर।
सर्वोच्च न्यायालय अध्यक्ष झांग जुन ने 29,154 मामलों का निपटारा बताया जबकि राष्ट्रीय अदालतों ने 3.74 करोड़ से अधिक संभाले। अभियोजन कार्यालयों ने 34.67 लाख मामले निस्तारित। 2878 में से 2760 प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह सत्र चीनी आधुनिकीकरण की मजबूत नींव रखता है।