
बीजिंग, 10 फरवरी। चीन के ब्रिक्स शेरपा और उप विदेश मंत्री मा चाओश्य्वी ने नई दिल्ली में आयोजित 2026 की पहली ब्रिक्स शेरपा बैठक में भाग लिया। यह बैठक भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सहयोग की नई दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए मा चाओश्य्वी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित ‘उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेटर ब्रिक्स सहयोग’ की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने शांति, नवाचार, हरित विकास, न्याय तथा जन-जन संपर्क पर आधारित ‘पांच-सूत्रीय ब्रिक्स सहयोग ढांचे’ का जिक्र किया, जो ब्रिक्स तंत्र के भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।
चीन भारत सहित सभी ब्रिक्स सदस्यों और साझेदारों के साथ सही दिशा बनाए रखने, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने, कार्यप्रणाली सुधारने, बहुपक्षीय समन्वय मजबूत करने, वैश्विक न्याय की रक्षा करने तथा ग्रेटर ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, यह प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में ब्रिक्स सहयोग की प्राथमिकताओं और प्रमुख आयोजनों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई।
यह आयोजन ब्रिक्स समूह की विस्तारशीलता और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की क्षमता को रेखांकित करता है। भारत की अगुवाई में ब्रिक्स नए युग की शुरुआत करने को तैयार है।