
बीजिंग। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की प्रमुख अनुशासन इकाई ने 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के दौरान भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को और तेज करने का संकल्प जताया है। यह फैसला बीजिंग में सोमवार से बुधवार तक चली सीपीसी केंद्रीय अनुशासन निरीक्षण आयोग (सीसीडीआई) की 20वीं केंद्रीय समिति के पांचवें पूर्ण सत्र में पारित प्रस्ताव से सामने आया।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जो सीपीसी महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष भी हैं, ने सत्र में शिरकत की और महत्वपूर्ण भाषण दिया। शिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने पार्टी अनुशासन को मजबूत बनाने और स्वच्छ शासन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
पार्टी अखबार पीपुल्स डेली ने मंगलवार को लिखा कि आर्थिक प्रगति और तकनीकी उन्नति भले महत्वपूर्ण हों, लेकिन पार्टी की बेदाग छवि सर्वोपरि है। शी जिनपिंग भ्रष्टाचार को मार्क्सवादी सत्तारूढ़ पार्टी की जानलेवा बीमारी मानते हैं। 2012 से उनके नेतृत्व में यह अभियान चला आ रहा है, जो पार्टी को जनहित में समर्पित रखता है।
यह व्यवस्था न केवल धन संबंधी भ्रष्टाचार पर नजर रखती है, बल्कि कुप्रशासन, संसाधन बर्बादी, कार्य में विलंब और लापरवाही को भी कवर करती है।
2025 में 65 वरिष्ठ अधिकारियों की रिकॉर्ड गिरफ्तारी हुई, जो 2024 के 58 से 12 प्रतिशत अधिक है। सीसीडीआई के आंकड़े बताते हैं कि 2020 में 18, 2021 में 25, 2022 में 32, 2023 में 45 और अब 65 मामले दर्ज हुए। यह राजनीतिक, वित्तीय व सैन्य क्षेत्रों में व्यापक कार्रवाई दर्शाता है।
सेना में भी भारी सफाई चली, जिसमें पूर्व उपाध्यक्ष हे वेइडोंग जैसे बड़े नाम शामिल। सैन्य आधुनिकीकरण के दौर में भ्रष्टाचार की चिंता साफ झलकती है।
धीमी अर्थव्यवस्था, नीतिगत बाधाओं और वैश्विक दबावों के बीच यह तेजी पुराने भ्रष्टाचार को उजागर करती है और बीजिंग की मजबूत पकड़ की मंशा दिखाती है। प्रांतीय नेता, मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र, विश्वविद्यालय और वित्त क्षेत्र निशाने पर हैं। पूर्व सेबी प्रमुख यी हुईमान का पतन बाजारों में हड़कंप मचा गया।
नई योजना से पहले यह अभियान पार्टी को मजबूत बनाकर जनता का भरोसा कायम रखेगा।