
बीजिंग में इस साल वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ानों ने कमाल कर दिखाया है। लगातार सफल लॉन्च और नई तकनीकों ने इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। चीनी नागरिक रोजमर्रा की जिंदगी में उपग्रहों का भरपूर उपयोग कर रहे हैं। बीडू पोजिशनिंग से टैक्सी बुलाते हैं, सैटेलाइट सर्विस से मोबाइल कॉल करते हैं, रिमोट सेंसिंग से 3डी में यात्रा प्लान करते हैं और ‘लिटिल स्पाइडर वेब’ नक्षत्र से हाई-स्पीड 4के वीडियो एंजॉय करते हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा सब-मीटर हाई-रेजोल्यूशन कमर्शियल रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट ग्रुप ‘जिलिन-1’ चीन की देन है। यह न केवल जमीन का सर्वे करता है, बल्कि बिजनेस पार्टनरशिप के नए अवसर भी पैदा करता है। उपग्रह बनाने में ऑटोमेशन ने लागत एक तिहाई घटा दी है। नई ‘विंग ऐरे इंटीग्रेटेड’ सैटेलाइट विशालकाय है, बिजली उत्पादन जबरदस्त और सर्विस क्षमता लाजवाब।
गैलेक्सी एयरोस्पेस जैसी कंपनियों ने प्रोडक्शन साइकिल को सिर्फ पांच दिन में सिमेट दिया। आंकड़े बताते हैं कि चीनी वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग का मूल्य 25 खरब युआन से ऊपर पहुंच गया। 20 प्रतिशत सालाना ग्रोथ और 600 से अधिक कंपनियां इसे मजबूत बना रही हैं। यह उभरता बाजार वैश्विक स्तर पर चीन को लीडर बना रहा है।