
बीजिंग, 4 मार्च। मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की, जिसमें मध्य पूर्व की तनावपूर्ण स्थिति पर चर्चा हुई।
सार ने वर्तमान परिस्थितियों पर इजरायल के दृष्टिकोण से अवगत कराया। वांग यी ने जोर देकर कहा कि चीन हमेशा अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय विवादों को बातचीत और परस्पर विचार-विमर्श से सुलझाने का पक्षधर रहा है। सभी पक्षों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों का पालन करना चाहिए तथा बल प्रयोग या उसकी धमकी से परहेज करना चाहिए, जो इजरायल समेत सभी के हितों में है।
ईरान परमाणु संकट के राजनीतिक समाधान के लिए चीन वर्षों से प्रयासरत है। हालिया ईरान-अमेरिका वार्ताओं में उल्लेखनीय सफलता मिल रही थी, जिसमें इजरायल की सुरक्षा चिंताओं को भी स्थान दिया गया था, किंतु यह प्रक्रिया बाधित हो गई। वांग यी ने इजरायल व अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाइयों का स्पष्ट विरोध जताया। सैन्य शक्ति समस्याओं का हल नहीं, बल्कि नई मुसीबतें और गंभीर परिणाम पैदा करती है।
सैन्य सामर्थ्य का वास्तविक महत्व युद्ध रोकने में है, न कि युद्धक्षेत्र में। वांग ने तत्काल सैन्य कार्रवाई बंद करने और संघर्ष के विस्तार को रोकने का आह्वान किया। चीन मध्य पूर्व पर निष्पक्ष रवैया अपनाए रखेगा तथा शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
चीनी अधिकारियों और संस्थानों की सुरक्षा के लिए इजरायल से कड़े कदम उठाने की मांग की गई। सार ने भरोसा दिलाया कि इजरायल इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। यह संवाद क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में सकारात्मक कदम हो सकता है।