चीनी वैज्ञानिकों ने जंगली चावल के लंबे समय तक बढ़ने वाले मुख्य जीन की खोज कर एक नई क्रांति ला दी है। इस आधार पर उन्होंने ‘दीर्घायु चावल’ नामक नई प्रजाति तैयार की है, जिसे एक बार बोने पर कई वर्षों तक लगातार काटा जा सकता है। यह खोज शुक्रवार को प्रतिष्ठित पत्रिका ‘साइंस’ के कवर पर प्रकाशित हुई।

साधारण खेती वाला चावल दुनिया की प्रमुख वार्षिक फसल है, जो हर साल दोबारा बोना पड़ता है। लेकिन इसका जंगली पूर्वज बारहमासी होता है, जो घास की तरह खुद-ब-खुद फिर से उग आता है। चीन विज्ञान अकादमी के शोधकर्ताओं ने 446 जंगली चावल प्रकारों का गहन अध्ययन किया और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी से उस जीन को अलग कर क्लोन तैयार किया, जो इस अनंत वृद्धि का राजा है।
चीन के दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम के पहाड़ी इलाकों में खेती योग्य जमीन का बड़ा हिस्सा फैला है, जहां ढलान वाले खेतों में पैदावार कम रहती है। यह नई चावल प्रजाति इन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी, क्योंकि यह जमीन का बेहतर उपयोग, खेती की लागत में कटौती और लंबी अवधि की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
यह उपलब्धि न केवल चीन की कृषि क्षमता को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर टिकाऊ खेती का मार्ग प्रशस्त करती है। जलवायु परिवर्तन के दौर में ऐसी फसलें भविष्य की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
